| रियासत | Class | Gun Salute | |
|---|---|---|---|
| राजपीपळा | 1st Class | 13 | |
| छोटा उदेपुर | 1st Class | 11 | |
| देवगढ़ बरिया | 2nd Class | 9 | |
| लुणावाड़ा | 2nd Class | 9 | |
| बालासिनोर | 2nd Class | 9 | |
| संत रामपुर / संतरामपुर | 2nd Class | 9 |
Gun Salute क्या था?
रेवा कांठा एजेंसी सलूट स्टेट्स
- राजपीपळा : Location 1st क्लास, 13 गन सलूट
- छोटा उदेपुर : Location 1st क्लास, 11 गन सलूट
- देवगढ़ बरिया : Location 2nd क्लास, 9 गन सलूट
- लुणावाड़ा : Location 2nd क्लास, 9 गन सलूट
- बालासिनोर : Location 2nd क्लास, 9 गन सलूट
- संत / संतरामपुर : Location 2nd क्लास, 9 गन सलूट
रेवा कांठा एजेंसी नॉन सलूट स्टेट्स
रेवा कांठा एजेंसी [पांडु मेवास]
- उमेटा : Location दरबारगढ़ पैलेस, 3rd क्लास
- अनगढ़ : Location भग्न किले के एकमात्र दीवार के अवशेष।
- रायका : Location
- दोडका : Location
- भादरवा : Location दरबारगढ़ पैलेस 3rd क्लास
- कनोडा : Location
- अमरापुरा : Location
- सिहोरा : Location 4th क्लास
- छालीएर : Location
- ज़ुमखा : Location
- राजपुर : Location
- मोटी वरनोली : Location
- नानी वरनोली : Location
- ईंटवाड : Location
- वक्तापुरा : Location
- जेसर : Location
- पांडु : Location 5th क्लास
- मेवली : Location
- न्हारा : Location
- धारी : Location
- मोका पगी नु मुवाड़ा / मोकमपुरा : Location
- कसला पगी नु मुवाड़ा / कसलापुरा : Location
- गोतरड़ी : Location
- गोठड़ा : Location
- वरनोलमाळ : Location
- पोइचा : Location
- बहीधरा का किला : Location
रेवा कांठा एजेंसी [संखेड़ा मेवास]
- गढ़ बोरियाद : Location दरबारगढ़, 3rd क्लास
- अगर : Location दरबारगढ़
- अल्वा : Location
- भीलोडिया : Location
- बिहोरा : Location
- चोरांगला : Location दरबारगढ़
- चुडेसर : Location
- देवलिया : Location
- धमासिया : Location
- दूधपुर : Location
- जिरल कमसोली : Location
- नलिया: Location
- नडगाम : Location 5th क्लास
- नसवाडी : Location
- मांडवा : Location 3rd क्लास
- पालासनी : Location दरबारगढ़
- पान तलावड़ी बेरीकुआ : Location
- रामपुरा : Location
- रेंगण : Location
- शानोर : Location 4th क्लास
- सिंधियापूरा : Location
- उचड़ : Location
- वजीरिया : Location 4th क्लास
- वासन सेवाड़ा : Location
- वासन वीरपुर : Location
- विरमपुरा : Location
- वोरा : Location
- पान तलावड़ी झरखड़ी : Location
(FAQ)
1. रेवा कांठा एजेंसी क्या थी?
रेवा कांठा एजेंसी ब्रिटिश भारत के समय की एक Political Agency थी, जिसके अंतर्गत गुजरात क्षेत्र की अनेक देशी रियासतें और छोटे-बड़े राज्यों/एस्टेट्स का प्रशासनिक एवं राजनीतिक संबंध ब्रिटिश सरकार के माध्यम से संचालित होता था।
2. रेवा कांठा एजेंसी में कौन-कौन सी प्रमुख रियासतें थीं?
रेवा कांठा एजेंसी में राजपीपळा, छोटा उदेपुर, देवगढ़ बरिया, लुणावाड़ा, बालासिनोर और संतरामपुर जैसी प्रमुख रियासतें शामिल थीं। इसके अलावा कई छोटी रियासतें और मेवास भी इस क्षेत्र का हिस्सा थीं।
3. रेवा कांठा एजेंसी की Salute States कौन-सी थीं?
रेवा कांठा एजेंसी की प्रमुख Salute States में राजपीपळा, छोटा उदेपुर, देवगढ़ बरिया, लुणावाड़ा, बालासिनोर और संतरामपुर शामिल थीं।
4. रेवा कांठा एजेंसी में सबसे अधिक Gun Salute किस रियासत को मिलता था?
सूची के अनुसार राजपीपळा को 13 Gun Salute प्राप्त था, जबकि छोटा उदेपुर को 11 Gun Salute और कुछ अन्य प्रमुख रियासतों को 9 Gun Salute प्राप्त था।
5. Gun Salute का क्या अर्थ था?
Gun Salute ब्रिटिश भारतीय व्यवस्था में किसी शासक की औपचारिक प्रतिष्ठा और प्रोटोकॉल संबंधी स्थिति को दर्शाने वाली परंपरा थी। अलग-अलग रियासतों को मिलने वाली सलामी की संख्या उनके निर्धारित status से जुड़ी थी।
6. Non-Salute States क्या थीं?
Non-Salute States वे रियासतें थीं जिन्हें Gun Salute की औपचारिक श्रेणी प्राप्त नहीं थी। रेवा कांठा एजेंसी में कडाणा, संजेली और जांबुघोड़ा जैसी रियासतें इस श्रेणी में आती थीं।
7. Pandu Mewas और Sankheda Mewas क्या थे?
Pandu Mewas और Sankheda Mewas रेवा कांठा एजेंसी के अंतर्गत आने वाले छोटे-छोटे राज्यों या estates के समूह थे। इन क्षेत्रों में अनेक स्थानीय शासक और छोटे राजनीतिक क्षेत्र शामिल थे, जिनका आकार और दर्जा बड़ी रियासतों से अलग था।
8. क्या रेवा कांठा एजेंसी की सभी रियासतों में महल या किले थे?
नहीं। सभी रियासतों में आज महल या किले के स्पष्ट अवशेष मिलना जरूरी नहीं है। कुछ स्थानों पर दरबारगढ़ या palace के अवशेष मिलते हैं, कुछ जगह किले के अवशेष हैं, जबकि कई स्थानों के भौतिक अवशेष बहुत कम या समाप्त हो चुके हैं।
9. आज रेवा कांठा एजेंसी की रियासतें कहाँ स्थित हैं?
रेवा कांठा एजेंसी का ऐतिहासिक क्षेत्र मुख्यतः वर्तमान गुजरात के मध्य और पूर्वी हिस्सों से जुड़ा हुआ था। आज इन ऐतिहासिक रियासतों के क्षेत्र अलग-अलग जिलों, तहसीलों और शहरों में विभाजित हैं।
10. क्या आज भी इन रियासतों के महल और किले देखे जा सकते हैं?
कुछ स्थानों पर पुराने महल, दरबारगढ़, गढ़ या किले के अवशेष आज भी मौजूद हैं। हालांकि कई संरचनाएँ समय के साथ नष्ट हो चुकी हैं या उनके केवल सीमित अवशेष ही बचे हैं।
11. रेवा कांठा एजेंसी का महत्व क्या था?
रेवा कांठा एजेंसी उस समय की राजनीतिक व्यवस्था को समझने के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके अंतर्गत बड़ी Salute States के साथ-साथ अनेक छोटी रियासतें और मेवास भी मौजूद थे। यह क्षेत्र ब्रिटिश भारत की जटिल princely-state व्यवस्था की एक दिलचस्प मिसाल प्रस्तुत करता है।
12. रेवा कांठा एजेंसी की रियासतों का क्या हुआ?
1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद देशी रियासतों के भारतीय संघ में एकीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद इन रियासतों की पुरानी राजनीतिक व्यवस्था समाप्त हुई और समय के साथ इनके क्षेत्र आधुनिक प्रशासनिक राज्यों और जिलों का हिस्सा बन गए।
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