"सिर्फ युद्ध में क्यों याद आते हैं सिपाही और भगवान?" || दिलायरी : १७/०५/२०२५
May 18, 2025
शान्ति में भुला दिए गए.. जंग में याद किए गए.. प्रियंवदा, यह एक वाक्य मात्र नहीं है, आयना है समाज के लिए और तलवार क…
DILAWARSINH
May 18, 2025
शान्ति में भुला दिए गए.. जंग में याद किए गए.. प्रियंवदा, यह एक वाक्य मात्र नहीं है, आयना है समाज के लिए और तलवार क…
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May 14, 2025
भावना में बहते प्रधानमंत्री... Apne Hathode ke saath laute Dilawarsinh..! प्रियंवदा ! कल साहब का भाषण सुना था? भाई…
DILAWARSINH
May 13, 2025
'हम जीत गए..' Pakistan ki Jeet ke Daave wale chooran ko nakaarte Dilawarsinh..!! अरे कहाँ हो तुम प्रियंवदा…
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May 12, 2025
प्रियंवदा ! क्या हमारे बीच ऐसा कोई सीजफायर हो सकता है? जहां तुम हररोज सीजफायर को वायोलेट करते हुए मेरे सामने प्रक…
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May 11, 2025
शक्ति के आगे तो स्वयं महादेव को.. प्रियंवदा ! एक स्त्री का मनोबल पुरुष से कई ज्यादा होता है। स्त्री ने अगर कुछ निर…
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May 10, 2025
हफ्ते के आख़िरी हिस्से में थकान ज़्यादा है या ऊर्जा बाकी है? Pakistan Ko RANSHINGAA sunaate Dilawarsinh..! प्रियंव…
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May 09, 2025
वास्तव में यही भारतीयता है.. Indian Army par Garv karte Dilawarsinh..!!! प्रियंवदा ! हम भारतवासी शायद किसी को समझ …
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May 08, 2025
पुराने युद्ध और आज की मानसिकता..! प्रियंवदा ! रात को दो बजे मेरी आँख खुल गयी थी..! तभी पता नहीं था की बस आधे घंटे …
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May 07, 2025
दिल और दिमाग का टकराव.. प्रियंवदा ! पृथ्वी पर ऐसा कोई होगा भी जिसके भीतर दिल और दिमाग का टकराव न हुआ हो? मुझ जैसे …
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April 29, 2025
दुःखी दास्तान लेकर फिर आ गया मैं... लो प्रियंवदा, अपनी दुःखी दास्तान लेकर फिर आ गया मैं। झेलो तुम अब.. फिलहाल बैठा…
✦ मेरी पहली Kindle ईबुक
31 दिनों की डायरी, 31 भावनात्मक मुलाक़ातें। यह किताब उन अनकहे एहसासों की आवाज़ है, जो अक्सर शब्दों तक पहुँच ही नहीं पाते।
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