एक रविवार, एक गेम-जोन और पिता होने की कीमत | प्रियम्वदा के नाम चिट्ठी
February 10, 2026
अँधेरा, आदतें और न लिख पाने की विवशता प्रियम्वदा ! वैसे तो आज यह चिट्ठी तुम्हे मिल जानी चाहिए थी.. लेकिन क्या…
DILAWARSINH
May 10, 2025
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February 10, 2026
अँधेरा, आदतें और न लिख पाने की विवशता प्रियम्वदा ! वैसे तो आज यह चिट्ठी तुम्हे मिल जानी चाहिए थी.. लेकिन क्या…
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February 07, 2026
कट्टर भक्ति, ओवरवॉटरिंग और दिलबाग बॉर्डर 2 : जब पुरानी जंग का जादू लौटकर नहीं आया प्रियम्वदा ! अभी अभी बॉर्डर 2 देखी। स…
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February 04, 2026
पुरानी बातें, स्मृतियाँ और न भूल पाने का यथार्थ प्रियम्वदा ! पुरानी बातों पर मिट्टी डालो... ऐसा ही कहा जाता ह…
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February 01, 2026
UGC एक्ट, आरक्षण और प्रेम की राजनीति प्रियम्वदा ! ऐसे ही थोड़े किसीने कहा होगा, कि "जब नाश मनुज पर छाता ह…
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January 30, 2026
लेखन : मजबूरी, इच्छा या क्षणिक शौक? ब्लॉगों का जन्म, तपता मध्यान्ह और इंटरनेट की काशी प्रियम्वदा ! मैं आज समझ…
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January 29, 2026
औघड़ उपन्यास समीक्षा औघड़ शब्द का अर्थ और भाव प्रियम्वदा ! जिसे लोक-लाज, रिवाज़ या दिखावा बाँध नहीं पाता, जिसे स…
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January 25, 2026
लिखने की आदत और अनकही रचनाओं का अफ़सोस प्रियम्वदा ! अगर इसी तरह लिखने की आदत छोड़ दूंगा, तो इसका भी हाल उन कवि…
31 दिनों की डायरी, 31 भावनात्मक मुलाक़ातें... यह किताब उन अनकहे एहसासों की आवाज़ है जो हर किसी के दिल में कहीं न कहीं दबे होते हैं। अगर आपने कभी अकेले में अपने आप से बात की हो, तो ये किताब आपके बहुत क़रीब लगेगी।
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