द हिडन हिन्दू भाग 3 समीक्षा : महायुद्ध और पौराणिक रहस्यों का अंतिम द्वार

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द हिडन हिन्दू - भाग 3 : महायुद्ध, चिरंजीवी और पौराणिक रहस्यों का अंतिम अध्याय


द हिडन हिन्दू भाग 3 पुस्तक समीक्षा से प्रेरित पौराणिक युद्ध दृश्य

पौराणिक मान्यताएं और विश्वास का संसार

    प्रियम्वदा !

    पौराणिक मान्यताएं क्या कहती है, उनका सत्य क्या है, यह एक विश्वास का विषय है। हम अपनी  विचारधारा से मेल खाती हुई बातों, तथ्यों पर तुरंत विश्वास कर पाते हैं। क्योंकि हमारे आरंभिक अनुभव, शिक्षा और हमारी रूचि यह तय करती है। जिन क्रियाओं तथा घटनाओं को हमने अपने प्रत्यक्ष नहीं देखा है, वे हमारे लिए मान्यता, कल्पना, और रस का विषय हो सकतें है, क्योंकि वे कहानी के स्वरुप में प्रस्तुत होतें है। जब वे घटनाएं हमारे अनुभव से जुड़ती है, विश्वास बनती है। 


    मामा महीना पूरा होने को है। लेकिन कल सवेरे एक मेहमान को लेने जाने के लिए हुकुम द्वारा किए कईं प्रयत्नों पश्चात, मैं अपने बिस्तर पर आँखे मलता बैठा था। घड़ी सवेरे पांच का समय सूचित कर रही थी, और हुकुम अब भी खड़े खड़े मुझे आश्चर्य से देख रहे थे। उनके द्वारा तीसरी बार कहा गया, कि 'बस अड्डे जा, और उन्हें ले आ।' मैं अभी तक जागृत होने की कोशिश ही कर रहा था, क्योंकि मैं असमंजस में था, कि अभी कुछ देर पहले ही तो आँख लगी थी।


एक सुबह, टिटहरी और शिकरे का युद्ध

    बस अड्डे से मेहमान को घर लाते हुए देखा, अभी तक शहर भी अंगड़ाई ही मरोड़ रहा था। चाय-पानी कर, ग्राउंड में थोड़ी देर चलने के उद्देश्य से गया, लेकिन आलसी आदमी को बहाने चाहिए होतें है, परिश्रम के चरित्र को अपमानित करने के। मुझे भी बहाना मिला। बड़ा ही रोचक बहाना था। ऐसे रोचक बहाने हर किसी को नहीं मिलते हैं। ग्राउंड का एक चक्कर लगाकर अपनी आरम्भ रेखा के पास लौटा, तो देखा तो टिटहरी लगातार टें..टें..टें.. किए जा रही थी। और हवाई गोता लगा रही थी। 


    थोड़ा करीब जाने पर देखा कि वे दोनों टिटहरी एक अन्य पक्षी पर आक्रमण कर रही थी। टिटहरी हमला करती है, यह तो मैंने देखा है। पहले एक-दो बार रात में ग्राउंड में घूमते हुए, उन पक्षिओं ने अपनी सुरक्षा हेतु मुझ पर चक्कर काटते हुए पंजे गड़ाने की कोशिश की थी। आज वे एक अन्य पक्षी पर हमला कर रही थी। एक शिकरा.. बाज और गरुड़ के परिवार का यह पक्षी पहली बार इस ग्राउंड में मैंने देखा था। लाल आँखों वाला शिकरा इस ग्राउंड में जहाँ भी बैठता, उसे इन दो टिटहरियों द्वारा आक्रमण करके भगा दिया जाता। 


    आखिरकार शिकरे ने हार मानकर मैदान छोड़ दिया, उसके साथ मैंने भी। और इस बात का साक्षी था वह रंगबिरंगा नीला-चमकीला रामचिरैया।


प्रकृति का वह दृश्य जो महायुद्ध जैसा लगा

    प्रकृति के अपने रंग है, और हमारे लिए अपनी कल्पना। वह टिटहरी का कलाबाजियां करते हुए शिकरे पर आक्रमण करना। कबूतरों का दूर से देखते रहना। अन्य गोरैया कुल की छोटी-छोटी चिड़ियों का इस युद्ध में, शिकरे के खिलाफ चहचहाना.. यह सब मुझे आने वाले महायुद्ध का एक अंश प्रतीत होता था। महायुद्ध, जो पद्मनाभ स्वामी के मंदिर के पास हुआ.. एक तरफ समस्त असुर, असुराधिपति, और दूसरी तरफ सातों चिरंजीवी, और एक अवतार। 


द हिडन हिन्दू भाग 3 : कहानी आखिर पहुँचती कहाँ है?

    हाँ ! द हिडन हिन्दू का तृतीय और अंतिम भाग भी मैंने पढ़ लिया। यह भाग थोड़ा बहुत आगे क्या होगा के उत्तर की पहले ही कल्पना कर लेने योग्य था। वैसे यह कहानी इस श्रृंखला का एक अंत जरूर थी, लेकिन इस कहानी के अंत से नूतन कहानी के प्रारम्भ का द्वार खुल जाता है। लेखक अक्षत गुप्ता उस नवीन श्रृंखला को जरूर से गढ़ रहे होंगे। 


शुक्राचार्य की योजना और रहस्यमयी द्वार

    यह तीसरे भाग में पिछले दोनों भागों का अधूरा महायुद्ध पूरा हुआ। इस बार कहानी सतत युद्ध दिशा में ही आगे बढे जा रही थी। और यह बात शुरू से ही समझी जा सकती थी। असुर गुरु शुक्राचार्य अपनी योजना में सफल हो जातें है, और वह द्वार आखिरकार खोल ही देते है। उस द्वार के पीछे एक बड़ा रहस्य छिपा हुआ था। यदि मैं लिख देता हूँ  उस बारे में तो रहस्योद्घाटन हो जाएगा। लेकिन यूँ समझिये की देव-दानव का युद्ध हुआ, और भविष्य का महान योद्धा इस युद्ध में प्रकट हुआ। 


    मैंने पढ़े तमाम उपन्यासों में मुझे अब तक का सबसे रुचिकर उपन्यास यही लगा है। क्योंकि मुझे बहुत रोचक लगते है वे ऐतिहासिक पात्र। जिसे माइथोलॉजी कहते हैं, और हम जिसे अपने पूर्वजों का मानवता के प्रति योगदान मानते है, वे मत्स्य से लेकर बुद्ध तक, इंद्र से लेकर असुरगुरु शुक्राचार्य तक, दशावतार से लेकर तीन लोक तक.. सब कुछ इस उपन्यास श्रृंखला में समाहित किया गया है। 


पृथ्वी कौन था? आखिरकार रहस्य से पर्दा उठता है

    तीसरा भाग पढ़ना अनिवार्य है, क्योंकि यहाँ पिछले भागों से बाकी आ रहे तमाम रहस्यों का पर्दा हट जाता है। पृथ्वी और मिसेज बत्रा के संवादों से शुरू हुआ यह सारा घटनाक्रम इस पड़ाव पर आते-आते पृथ्वी कौन था इस रहस्य पर से भी पर्दा उठ जाता है। उस महायुद्ध से निकलते हुए शुक्राचार्य ने कहा था, "यह अंत नहीं हुआ है।" और इस भाग की, इस श्रृंखला की समाप्ति पर एक नए आरम्भ का आगाज़ लेखक ने कर ही दिया है। 


परशुराम, अश्वत्थामा और ओम की सबसे कठिन लड़ाई

    द हिडन हिन्दू उपन्यास श्रृंखला के इस तीसरे भाग में सबसे ज्यादा जोर दिया गया है, खुद से खुद की लड़ाई पर। परशुराम, अश्वत्थामा, और ओम.. इन तीनों को सबसे भयंकर युद्ध अपने आप से ही करना पड़ा था। अरे हाँ.. इस तृतीय भाग में शस्त्रास्त्र की भी अच्छी पहचान कराई है। और हाँ.. इस कहानी में एक ऐसा जिव भी है, जो पौराणिक है, और कल्पना के शिखर समान है। 'नवकुंजर या नवगुणजरा' - हिन्दू माइथोलॉजी में यह एक विचित्र जिव की भी कल्पना है, जिसे हम स्वीकार ही नहीं सकते है। और प्राचीन विमानों का भी उपयोग किया गया है। 


    कईं सारे शुद्ध हिंदी शब्द, तथा शुद्ध भाषा, और कहानी के रोमांचकारी उतारचढ़ाव इस श्रृंखला को सबसे अलग बनाते है। जैसे महाभारत है, जैसे रामायण है, वैसी ही यह कहानी भी है। एक युद्ध की ओर बढ़ते हुए बहुत बार लेखक पुराना रेफरेंस भी याद दिलाते है, ताकि पाठक असमंजस में न पड़े। 


    मुझे लगता है, यह उपन्यास सबको ही पढ़ना चाहिए। 

    शुभरात्रि। 

    २५/०५/२०२६


|| अस्तु ||


प्रिय पाठक !

    अगर आपको रहस्य, पौराणिक कथाएँ और माइथोलॉजी आधारित उपन्यास पसंद हैं, तो ‘द हिडन हिन्दू’ श्रृंखला अवश्य पढ़िए।

और हाँ, अपनी पसंदीदा पौराणिक पुस्तक का नाम कमेंट में जरूर बताइए।



Frequently Asked Questions

द हिडन हिन्दू भाग 3 किस बारे में है?

द हिडन हिन्दू का तीसरा भाग चिरंजीवियों, असुरों और एक महायुद्ध के इर्द-गिर्द घूमता है। इस भाग में पिछले दोनों भागों के कई रहस्यों से पर्दा उठता है।

क्या द हिडन हिन्दू भाग 3 पूरी श्रृंखला का अंतिम भाग है?

हाँ, यह त्रयी का अंतिम भाग है। हालांकि कहानी के अंत में लेखक ने एक नई संभावित श्रृंखला की ओर संकेत भी दिया है।

द हिडन हिन्दू के लेखक कौन हैं?

द हिडन हिन्दू श्रृंखला के लेखक अक्षत गुप्ता हैं, जिन्होंने भारतीय माइथोलॉजी और थ्रिलर को मिलाकर यह कहानी रची है।

क्या द हिडन हिन्दू माइथोलॉजी पर आधारित उपन्यास है?

हाँ, यह उपन्यास भारतीय पौराणिक कथाओं, चिरंजीवियों, असुरों और प्राचीन रहस्यों पर आधारित एक माइथोलॉजिकल थ्रिलर है।

क्या द हिडन हिन्दू भाग 3 पढ़ना जरूरी है?

यदि आपने पहले दो भाग पढ़े हैं, तो तीसरा भाग अवश्य पढ़ना चाहिए, क्योंकि इसी भाग में कई महत्वपूर्ण रहस्यों का खुलासा होता है।

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