मैं खुद से मिलने निकला हूँ..! || Day 25 || वो चीज़ जो तुमसे कोई नहीं ले सकता..
December 31, 2025
मैं खुद से मिलने निकला हूँ..! Date -01/12/2025 Time & Mood -12:22 || किसी की खोजमें.. वो चीज़, जो मुझे कोई नहीं ल…
DILAWARSINH
December 31, 2025
मैं खुद से मिलने निकला हूँ..! Date -01/12/2025 Time & Mood -12:22 || किसी की खोजमें.. वो चीज़, जो मुझे कोई नहीं ल…
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December 31, 2025
दो दिन की चाँदनी, फिर अँधेरी रात | प्रियम्वदा को लिखा एक अधूरा पत्र चाहत क्यों हमारे अधिकार में नहीं होती? प्रियंव…
DILAWARSINH
December 30, 2025
श्रोता बनना भी एक कला है बोलना आसान है, सुनना कठिन प्रियम्वदा ! मैं एक अच्छा श्रोता भी नहीं हूँ.. कल ही प्राप…
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December 29, 2025
प्रियम्वदा के नाम एक पत्र, जो कभी भेजा नहीं गया प्रियम्वदा, सिर्फ तुम्हे संबोधित करने ही मैंने यह फोन फिर से …
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December 28, 2025
न भेजे गए ख़त : प्रेम, डर और अधूरे शब्दों की कहानी भूमिका की ज़रूरत और मुद्दे की नींव प्रियम्वदा ! आज मेरे पास…
DILAWARSINH
December 27, 2025
सुबह की दिनचर्या और काम से भरा एक साधारण दिन प्रियम्वदा ! आज तो कुछ लिखना चाहिए.. हररोज इस दैनिक डायरी की जि…
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December 26, 2025
एक अजीब छुट्टी: काम बंद, मगर दिमाग चालू प्रियम्वदा ! आज तो पूरा दिन समय ही समय था, फिर भी तुम्हे लिखने के लिए…
DILAWARSINH
December 25, 2025
प्रियम्वदा को लिखी 365वीं दिलायरी प्रियम्वदा ! आज दिलायरी को एक वर्ष पूर्ण हुआ। पिछली पचीस दिसंबर से मैंने प्…
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December 24, 2025
प्रियम्वदा से न कह पाने की पीड़ा प्रियम्वदा, बड़ा ही अफ़सोस होता है, मैं कितना कुछ कह नहीं सकता तुमसे। यह समझदा…
DILAWARSINH
December 23, 2025
एक साल की दिलायरी और समय की दहलीज़ प्रियम्वदा, अभी अभी एक दिलायरी लिखकर खत्म की है, और अब दूसरी लिखने का समय …
DILAWARSINH
December 22, 2025
रविवार की सुबह – आलस, आराम और धीरे चलती धूप प्रियम्वदा ! फिर से एक बार काम की अनिवार्यता को नज़रअंदाज़ करते हुए…
31 दिनों की डायरी, 31 भावनात्मक मुलाक़ातें... यह किताब उन अनकहे एहसासों की आवाज़ है जो हर किसी के दिल में कहीं न कहीं दबे होते हैं। अगर आपने कभी अकेले में अपने आप से बात की हो, तो ये किताब आपके बहुत क़रीब लगेगी।
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